13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप, राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026।
देश की राजनीति में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद तेज हो गया है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने 31 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जनता द्वारा महाभियोग’ की कार्यवाही आयोजित की।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस प्रतीकात्मक कार्यवाही की अध्यक्षता की, जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रस्ताव पेश किया। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर छह आरोप लगाए और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
खड़गे ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, फॉर्म-6 में बदलाव, चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण और अन्य चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से अलग रखने जैसे मुद्दे उठाए।
राहुल गांधी ने 2024 के चुनाव पर उठाए सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के कारण 2024 के लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता और वैधता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि लगभग 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता था।
आज रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली
विपक्षी गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मतदाताओं के अधिकारों के मुद्दे पर बड़ी रैली और मार्च आयोजित करने की घोषणा की है। कांग्रेस की ओर से इसमें 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया गया था। वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा आयोजन के बाद ही स्पष्ट होगा।
महत्वपूर्ण तथ्य: खड़गे के आवास पर हुई कार्यवाही प्रतीकात्मक राजनीतिक प्रक्रिया थी। यह संसद में संविधान के तहत होने वाली मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की औपचारिक प्रक्रिया नहीं है। मतदाताओं के नाम हटाने और चुनाव की वैधता से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
