चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, SIR और वोटर लिस्ट पर आरोपों को किया खारिज

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, SIR और वोटर लिस्ट पर आरोपों को किया खारिज

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, SIR और वोटर लिस्ट पर आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली | 26 अक्टूबर 2026 | SD NEWS – सच्चे दिन
भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए एकतरफा फैसले लेने के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।हलफनामे में चुनाव आयोग की प्रमुख दलीलें
SIR पर सर्वसम्मति: आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े तीनों आदेश सर्वसम्मति से पारित किए गए।
फॉर्म-6 में बदलाव नहीं: आयोग ने कहा कि नए मतदाताओं के पंजीकरण वाले फॉर्म-6 में संशोधन नहीं किया गया है। SIR का घोषणा-पत्र अलग दस्तावेज है।
CEC पर लगे आरोपों का जवाब: आयोग ने एकतरफा फैसले लेने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि याचिका मुख्यतः एक समाचार रिपोर्ट पर आधारित है।
वोटर लिस्ट की प्रक्रिया: आयोग ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का अधिकार संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) के वैधानिक आदेशों के तहत इस्तेमाल होता है।
याचिका खारिज करने की मांग: आयोग ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं बताते हुए उसे खारिज करने की मांग की है।मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अन्य निर्वाचन आयुक्तों की सहमति के बिना कुछ निर्णय लिए। याचिकाकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची से नाम हटाने और आयोग के आंतरिक निर्णयों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।
ध्यान दें: यह चुनाव आयोग का अदालत में प्रस्तुत पक्ष है। हलफनामा दाखिल होने का अर्थ यह नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने आयोग की सभी दलीलों को स्वीकार कर लिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मामले में अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई है।