पहले हिंदू-मुस्लिम, फिर जातियों में बांटा और अब भगवानों को भी बांटने की कोशिश? धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर चर्चा
SD News – सच्चे दिन | विशेष टिप्पणी
धर्म का उद्देश्य समाज को जोड़ना, प्रेम और सद्भाव का संदेश देना होना चाहिए। लेकिन जब धर्म के नाम पर समाज में विभाजन की राजनीति होने लगे, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
हाल ही में मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हुआ।
संपादकीय सवाल: क्या आस्था भी अब प्रतिस्पर्धा का विषय बन जाएगी? भगवान राम और श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र हैं। एक की महिमा बताने के लिए दूसरे की तुलना या उपहास क्यों?
समाज को धर्म, जाति और भगवान के नाम पर बांटने के बजाय प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देने की जरूरत है।
सच्चे दिन की बात: भगवानों को बांटने से पहले इंसानियत को जोड़ने की चिंता कीजिए।
